
हीरादह धाम: यहां आकर आप एक चीज जरूर सीखेंगे की जीवन में कितनी भी कठिनाई हो निरंतर प्रयास से आप जरूर आगे बढ़ सकते हैं.
मुझे याद है जब आखिरी बार तीन
साल पहले हमारी बात पांच महीने तीन दिन बाद हुई थी तब तुमने कहा था कि तुम
मुझे बहुत मिस करती हो और जवाब में मै कुछ नहीं कह पाया था, क्योंकि अचानक
तुमने फोन काट दिया था..उसके बाद से आज तक तुम्हारा कोई फोन नहीं आया. मैं
तुमसे कहना चाहता था कि हां मैं भी तुम्हे बहुत मिस करता हूं, पर तुमने
सुनने से पहले ही फोन रख दिया था पुराने मैसेजेस को पढ़ते हुए मैं तीन साल
पहले चला गया था कि अचानक मेरा फोन बजा.. मैने देखा तो ट्रू कॉलर में
तुम्हारा नाम दिखा..मैने फोन उठाया तो उधर से आवाज आयी, हैलो कैसे हो..मैं
कुछ समझ पाता इससे पहले तुमने कहा कि तुम भूल गये हो मुझे, मैने कहा
नहीं.....उसने पूछा कहां हो, मैने कहा ऑफिस में हूं. उसने कहा कि तुम्हारे
शहर का तो हाल बेहाल है..बारिश ही बारिश..मैने सोचा, शहर की बारिश तो
तुम्हें दिखाई दे गयी पर मेरे अंदर जो हर रोज बारिश होती है वो तुम कहां
देख पा रही हो..इतने में उसने कहा कि तुम्हारे शहर में हूं...मिलोगे नहीं..
कुछ देर बाद मैं बारिश में भींगते हुए उसके घर के पास वाले मॉल में
था....वो वहां मेरा इंतजार कर रही थी..मैं पूरा भींग चुका था... मैं कुछ
बोलता इससे पहले उसने कहा कि कल मुझे जाना है और मैं तुमसे मिले बिना यहां
से चली जाऊं ऐसा नहीं हो सकता है...तुमसे कई सारे सवाल करने हैं. बारिश में
तुम्हारे बाल भी हल्क भीगे हुए थे, तुम बहुत सुंदर लग रहे थे. मैने कहा
सवाल पूछो... उसने कहा इतने दिन कैसे रहे मेरे बिना...तुम्हे मेरे से बात
करने का मेरी आवाज सुनने का मन नहीं करता था...मैने कुछ नहीं कहा, उसने कहा
बहुत मिस करती हूं तुम्हे आज भी..
